January 23, 2026 1:42 am

उत्तराखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्री और UKD के वरिष्ठ नेता दिवाकर भट्ट का निधन, CM धामी ने जताया दुख, हरीश रावत ने की पद्म भूषण से सम्मानित करने की मांग

देहरादून: उत्तराखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्री रहे उत्तराखंड क्रांति दल के वरिष्ठ नेता दिवाकर भट्ट का निधन हो गया. लंबी बिमारी के बाद उन्होंने हरिद्वार में अपने आवास पर अंतिम सांस ली. वे पिछले कुछ दिनों से देहरादून के इंद्रेश अस्पताल में भर्ती थे जहां सीएम धामी ने भी उनसे मुलाकात की थी.  दिवाकर राज्य आंदोलन के दौरान सबसे आक्रामक और समर्पित नेताओं में कहे जाते थे। उनके निधन के बाद समर्थकों में शोक है। उत्तराखंड क्रांति दल के नेता शांति प्रसाद भट्ट ने बताया कि दिवाकर भट्ट उत्तराखंड राज्य आंदोलन के प्रमुख नेताओं में रहे हैं और उत्तराखंड क्रांति दल के प्रमुख चेहरे के रूप में उनकी अलग पहचान थी.

उनके निधन की खबर से राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर है. उन्होंने बताया कि दिवाकर भट्ट ने उत्तराखंड क्रांति दल के संस्थापक के रूप में लंबे समय तक संघर्ष किया. उन्हें अपनी राजनीतिक पहचान राज्य आंदोलन के दौरान मिली थी. राज्य आंदोलन के दौरान ही उन्हें ‘फील्ड मार्शल’ की उपाधि दी गई थी. इसी ताकत और भाव से उन्होंने अपना राजनीतिक जीवन जिया.  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री दिवाकर भट्ट के निधन पर गहरा दु:ख व्यक्त किया है।

राज्य रत्न पुरस्कारऔर पद्म भूषणसे किया जाए सम्मानित

हरीश रावत का कहना है कि कुछ लोगों का व्यक्तित्व इतना संघर्षशील होता है कि हमें हमेशा ये लगता है वो बीमारी से लड़कर फिर हमारे बीच में आ जाएंगे, लेकिन दिवाकर भट्ट के जाने से जन संघर्ष की राजनीति में एक बड़ी खाई पैदा हो गई है. इसलिए राज्य सरकार को उनके संघर्ष को देखते हुए उन्हें ‘राज्य रत्न पुरस्कार’ और भारत सरकार को ‘पद्म भूषण’ देना चाहिए.

वहीं, हरीश रावत ने कहा कि वो भले ही मेरे आलोचक रहे और राज्य आंदोलन के दौरान संघर्ष समिति में संयोजक के रूप में रहे दिवाकर भट्ट के साथ मैं लंबे समय तक सानिध्य नहीं जोड़ पाया. उनको मैंने कई बार अपने साथ लाने की कोशिश की, लेकिन उसके बावजूद राज्य के निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका सदैव संघर्ष की शक्तियों के लिए प्रेरणादायक रहेंगी.

आज जिस मोड़ पर उत्तराखंड खड़ा है, दिवाकर, काशी सिंह ऐरी जैसे कुछ नाम ऐसे हैं, जिन्हें हम पूछ सकें कि क्या वास्तव में राज्य ठीक रास्ते पर आगे बढ़ रहा है? दिवाकर संवेदनशील समय में हम सबको छोड़कर चले गए हैं. हरीश रावत ने उनके परिजनों, उत्तराखंड क्रांति दल समेत उनके सभी प्रशंसकों को अपनी संवेदना भेजी है.

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