July 27, 2026 8:01 pm

खनन पर रार बरकरार ! सीएम धामी से बात करेंगे पूर्व सीएम त्रिवेन्द्र …

देहरादून: लोकसभा में अवैध खनन का मुद्दा उठाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री एवं हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अब उत्तराखंड में खनन अफसर की नीयत पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि क्या अफसर ने सिर्फ दो घंटे में इस मामले की जांच कर ली? यह भी जांच का विषय है कि कहीं वह भी खनन वालों के साथ मिले तो नहीं?

दरअसल, त्रिवेंद्र के खनन के मुद्दे को संसद में उठाने के बाद राज्य के खनन अफसर ने सभी आरोपों को खारिज किया था। उन्होंने ब्योरा जारी करते हुए कहा कि राज्य में अवैध खनन संबंधी आरोप पूरी तरह निराधार हैं। राज्य में खनन से राजस्व में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। खनन के वाहनों को रात में चलने की अनुमति देना राज्य में यातायात व्यवस्था को बेहतर रखने के लिए दी गई है।

अफसर के इस बयान पर जब मीडिया कर्मियों ने पूर्व सीएम त्रिवेंद्र की टिप्पणी चाही तो उन्होंने कहा कि वह किसी अफसर के बयान पर तो टिप्पणी नहीं करेंगे। आगे उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि, क्या अफसर ने मेरे बयान के सिर्फ दो घंटे में ही जांच पूरी कर ली?

उन्होंने कहा कि राजस्व भी वैध तरीके से ही बढ़ना चाहिए। त्रिवेंद्र का यह बयान सोशल मीडिया में भी खूब वायरल हो रहा है। इसमें वह कह रहे हैं कि वह इस मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भी बात करेंगे।

अवैध खनन को संरक्षण दे रही सरकार: उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री नवीन जोशी

उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री नवीन जोशी ने भाजपा सरकार पर राज्य में बढ़ते अवैध खनन को संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हरिद्वार से लेकर कुमाऊं तक नदियों का सीना चीरा जा रहा है और भाजपा सरकार आंखें मूंदे बैठी हैं।

शनिवार को मीडिया को जारी बयान में जोशी ने कहा कि भाजपा सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत की ओर से संसद में अवैध खनन का मुद्दा उठाना यह साबित करता है कि उनकी ही सरकार इस समस्या को रोकने में पूरी तरह विफल रही है।

कहा, केंद्र और राज्य में भाजपा की डबल इंजन सरकार होने के बावजूद अगर उत्तराखंड में अवैध खनन चरम पर है, तो साफ है कि सरकार ही खनन माफिया के साथ मिली हुई है। जोशी ने कहा कि खनन माफिया को खुली छूट मिलने से राज्य के पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है।

 

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