September 26, 2026 5:28 am

भारी बारिश को लेकर मौसम विभाग ने फिर जारी किया अलर्ट, CM धामी ने अधिकारियों को दिये 24X7 अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश

देहरादून। उत्तराखंड में अगले दो दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए सरकार अलर्ट मोड पर आ गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी संबंधित विभागों और जिलों को 24 घंटे सतर्क रहने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने संभावित आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों की सभी तैयारियां पहले से सुनिश्चित करने को कहा है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने सभी 13 जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने जिला आपातकालीन संचालन केंद्रों को सक्रिय रखने और मौसम विभाग की चेतावनियों को तत्काल स्थानीय स्तर तक पहुंचाने के निर्देश दिए।

26 सितंबर को पांच जिलों में रेड अलर्ट

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 26 सितंबर को बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर में रेड अलर्ट जारी किया गया है। देहरादून, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, चमोली और अल्मोड़ा में ऑरेंज अलर्ट तथा हरिद्वार, उत्तरकाशी और टिहरी गढ़वाल में येलो अलर्ट है।

27 सितंबर को चार जिलों में रेड अलर्ट

27 सितंबर को देहरादून, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल और हरिद्वार में रेड अलर्ट, जबकि उत्तरकाशी, चमोली, नैनीताल और रुद्रप्रयाग में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बागेश्वर, अल्मोड़ा, चंपावत, ऊधमसिंह नगर और पिथौरागढ़ में येलो अलर्ट रहेगा।

मौसम विभाग ने इस दौरान कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश और कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़कें बंद होने तथा मैदानी क्षेत्रों में जलभराव की आशंका को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।

जेसीबी और बचाव दल तैयार रखने के निर्देश

सचिव आपदा प्रबंधन ने नदी-नालों, गाड़-गदेरों और जलस्रोतों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। जलस्तर बढ़ने पर आसपास के लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था करने को कहा गया है। भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जेसीबी और अन्य मशीनरी को रणनीतिक स्थानों पर तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।

सभी जिला आपातकालीन संचालन केंद्रों को 24 घंटे सक्रिय रखने के साथ पुलिस, एसडीआरएफ, अग्निशमन, स्वास्थ्य, लोक निर्माण विभाग, पेयजल और विद्युत विभाग के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने को कहा गया है। चारधाम यात्रा मार्गों, प्रमुख पर्यटन स्थलों और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में भी विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

आपदा की स्थिति में इन नंबरों पर करें संपर्क

प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग और जिला प्रशासन की चेतावनियों का पालन करने, अनावश्यक यात्रा से बचने तथा नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। किसी भी आपात स्थिति में राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के टोल फ्री नंबर 1070, जिला आपातकालीन संचालन केंद्र 1077 और आपातकालीन सेवा 112 पर संपर्क किया जा सकता है।

आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने भी अधिकारियों को मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।

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