November 5, 2026 10:48 pm

सरकारी जमीनों के हस्तांतरण पर राज्यपाल से मिला कांग्रेस प्रतिनिधि मण्डल

देहरादून: उत्तराखंड में सरकारी जमीनों और संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपने के फैसलों को लेकर कांग्रेस ने धामी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में 13 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने सरकारी जमीनों को औने-पौने दामों पर लीज पर देने का आरोप लगाते हुए संबंधित निर्णय निरस्त करने और संपत्तियों को उनके मूल विभागों को वापस लौटाने की मांग की।

ज्ञापन में कांग्रेस ने आरोप लगाया कि 20 दिसंबर 2022 के कैबिनेट निर्णय के बाद सरकारी जमीनों से जुड़े अंतिम फैसले का अधिकार मुख्यमंत्री के स्तर पर केंद्रित कर दिया गया। पार्टी ने इसे मंत्रिपरिषद के सामूहिक उत्तरदायित्व और कार्य संचालन नियमावली के प्रावधानों के विपरीत बताया। कांग्रेस ने जॉर्ज एवरेस्ट एस्टेट की 142 एकड़ भूमि को 15 साल के लिए करीब एक करोड़ रुपये सालाना किराये पर निजी कंपनी को देने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। पार्टी का दावा है कि निविदा में शामिल तीनों कंपनियां एक ही व्यक्ति से जुड़ी थीं।

कांग्रेस ने उत्तराखंड निवेश एवं आधारभूत संरचना विकास बोर्ड अधिनियम, 2023 के प्रावधानों का उल्लंघन किए जाने का आरोप भी लगाया। ज्ञापन में कहा गया कि सरकारी संपत्तियों को हस्तांतरित करने के फैसलों में संबंधित विभागों के मंत्रियों की सहमति दर्ज नहीं है। पार्टी ने पटवाडांगर, नगऊ, धनौल्टी, मगरा, आईडीपीएल ऋषिकेश, डाकपत्थर, रामगढ़, एचएमटी रानीबाग, पाटकोट-मरचूला, सलेमपुर महमूद और माजरी ग्रांट की जमीनों के हस्तांतरण से जुड़े शासनादेशों पर भी आपत्ति जताई।

पटवाडांगर की जमीन के मामले में कांग्रेस ने कहा कि 15 जनवरी 2025 के शासनादेश में इसे कृषि विभाग की भूमि बताया गया, जबकि बाद में राजस्व विभाग के अभिलेखों में 108 एकड़ जमीन दर्ज नहीं होने की बात सामने आई। डाकपत्थर की जमीन बंदोबस्त पूरा हुए बिना और खसरा संख्या तय किए बगैर हस्तांतरित करने का आरोप भी लगाया गया। कांग्रेस ने रामगढ़ के राजकीय उद्यान की भूमि, अलकनंदा होटल और ब्रिटिशकालीन निरीक्षण भवनों को निजी परियोजनाओं के लिए दिए जाने पर भी सवाल उठाए।

ज्ञापन में कहा गया कि अनुशंसा समिति की बैठक के कार्यवृत्त में जमीन का मूल्य और राजस्व साझेदारी तय करने पर आगे चर्चा की बात थी, इसके बावजूद पटवाडांगर की 13.64 एकड़ जमीन 90 साल की लीज के लिए 37.80 करोड़ रुपये के आरक्षित मूल्य पर निविदा में रख दी गई। कांग्रेस ने दावा किया कि इस तरह की 40 सरकारी संपत्तियों का बाजार मूल्य एक लाख करोड़ रुपये से अधिक है।

प्रतिनिधिमंडल ने जॉर्ज एवरेस्ट एस्टेट की लीज निरस्त करने, पूरे मामले की उच्च न्यायालय की निगरानी में स्वतंत्र जांच कराने, 20 दिसंबर 2022 के कैबिनेट निर्णय के तहत मुख्यमंत्री स्तर पर लिए गए फैसलों और उनसे जारी शासनादेशों को निरस्त करने की मांग की। साथ ही पटवाडांगर, अलकनंदा होटल और ऋषिकेश निरीक्षण भवन से संबंधित तीनों निविदाएं रद्द करने तथा उत्तराखंड निवेश एवं आधारभूत संरचना विकास बोर्ड और सिडकुल को दी गई जमीनें मूल विभागों को लौटाने की मांग रखी।

गणेश जोशी, सहकारिता भर्तियों और एमबीबीएस दाखिलों की जांच की मांग

कांग्रेस ने कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई और आवश्यक वैधानिक अनुमति देने की मांग की। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि न्यायालय के निर्देशों के बावजूद सरकार ने अब तक मुकदमा दर्ज करने से संबंधित आवश्यक अनुमति नहीं दी है।

इसके अलावा कोरोना काल में सहकारिता विभाग की भर्तियों में कथित अनियमितताओं और अभ्यर्थियों से 20-20 लाख रुपये लेकर नौकरी देने के आरोपों की स्वतंत्र उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई। एमबीबीएस में कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर हुए दाखिलों की समयबद्ध जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग भी उठाई गई।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति की ओर से उन पर लगाए गए 210 करोड़ रुपये के घोटाले के आरोप का मामला भी राज्यपाल के सामने रखा। उन्होंने इस मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो और प्रवर्तन निदेशालय से जांच कराने की मांग की।

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से ज्ञापन मिलने के 10 दिनों के भीतर संबंधित निर्णय निरस्त करने और संपत्तियों को मूल विभागों को लौटाने की कार्रवाई करने का आग्रह किया। पार्टी ने चेतावनी दी कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर वह राज्य की संपत्तियों की सुरक्षा के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी।

प्रतिनिधिमंडल में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत, विधायक मदन बिष्ट और फुरकान अहमद सहित अन्य नेता शामिल रहे।

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