October 30, 2026 3:26 pm

उत्तराखंड की सियासत में सर्वजन सनातन पार्टी की दस्तक, सभी 70 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान, पूर्व CBI डायरेक्टर ने बीजेपी को घेरा

देहरादून। उत्तराखंड में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। भाजपा और कांग्रेस के साथ क्षेत्रीय दल भी चुनावी रणनीति बनाने में जुटे हैं। इसी बीच प्रदेश की राजनीति में एक नए दल सर्वजन सनातन पार्टी ने दस्तक दी है। पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव में सभी 70 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारने का ऐलान किया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष भारतीय पुलिस सेवा के पूर्व अधिकारी और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के पूर्व निदेशक एम. नागेश्वर राव हैं।

शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और सांस्कृतिक पहचान पर जोर

सर्वजन सनातन पार्टी ने सनातन सभ्यता और संस्कृति के संरक्षण के साथ आम लोगों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने को अपना प्रमुख एजेंडा बताया है। पार्टी ने निशुल्क शिक्षा, निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं, आजीविका और सांस्कृतिक पहचान को अपने चार प्रमुख मुद्दों के रूप में सामने रखा है।

पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एम. नागेश्वर राव ने गौ माता का उदाहरण देते हुए कहा कि गौ माता सनातन सभ्यता और समृद्धि का प्रतीक हैं। उन्होंने गौ माता के चार पैरों को शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और पहचान से जोड़ते हुए कहा कि इन्हीं चार आधारों पर समाज और प्रदेश को आगे बढ़ाने की जरूरत है।

सत्ता में आने पर गौ माता को राज्य माता का दर्जा दिलाने का ऐलान

नागेश्वर राव ने घोषणा की कि उत्तराखंड में उनकी पार्टी की सरकार बनने पर गौ माता को राज्य माता का दर्जा दिलाया जाएगा। वहीं, देशभर में सत्ता मिलने पर गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने की दिशा में काम किया जाएगा।

भाजपा पर सनातन के नाम पर राजनीति करने का आरोप

भाजपा और अपनी पार्टी के मुद्दों में अंतर बताते हुए नागेश्वर राव ने आरोप लगाया कि भाजपा सनातन सभ्यता की वास्तविक हितैषी नहीं है और सनातन के नाम पर राजनीति करती है। उन्होंने देश से गोमांस के निर्यात और धार्मिक स्थलों के सरकारी नियंत्रण का मुद्दा उठाते हुए भाजपा की नीतियों पर सवाल खड़े किए।

उन्होंने उत्तर प्रदेश में बूचड़खानों और गोमांस निर्यात का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि भाजपा वास्तव में सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए काम कर रही है, तो देश से गोमांस का निर्यात कैसे हो रहा है। उन्होंने हिंदू मंदिरों पर सरकारी नियंत्रण को लेकर भी भाजपा के रुख पर सवाल उठाए।

नागेश्वर राव ने भाजपा पर सनातन के नाम पर लोगों को गुमराह करने और सामाजिक तनाव बढ़ाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का उद्देश्य किसी समुदाय के खिलाफ माहौल बनाना नहीं, बल्कि सभी लोगों को साथ लेकर चलना है। पार्टी ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ की भावना के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और सांस्कृतिक पहचान के मुद्दों पर सभी वर्गों को साथ लेकर आगे बढ़ेगी।

पार्टी का गठन वर्ष 2021 में हुआ था। अब संगठन ने उत्तराखंड की सभी 70 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की है।

कौन हैं एम. नागेश्वर राव?

एम. नागेश्वर राव मूल रूप से तेलंगाना के जयशंकर भूपालपल्ली जिले के रहने वाले हैं। वह ओडिशा कैडर के वर्ष 1986 बैच के भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी रहे हैं। उन्होंने वर्ष 1981 में हैदराबाद के उस्मानिया विश्वविद्यालय से रसायन विज्ञान में परास्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके अलावा वह भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास के भी छात्र रहे हैं।

नागेश्वर राव की पहली तैनाती वर्ष 1989-90 में ओडिशा के तालचर में उपमंडल पुलिस अधिकारी के रूप में हुई थी। यहां उन्होंने अवैध खनन और कोयला माफिया पर कार्रवाई की। वह ओडिशा के मयूरभंज, नवरंगपुर, बरगढ़ और जगतसिंहपुर में पुलिस अधीक्षक रहे। इसके अलावा राउरकेला और कटक में रेलवे पुलिस अधीक्षक तथा अपराध शाखा में पुलिस अधीक्षक के पद पर भी तैनात रहे। उन्होंने ओडिशा अग्निशमन सेवा के महानिदेशक की जिम्मेदारी भी संभाली। बाद में वह चेन्नई क्षेत्र में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो के प्रमुख रहे।

अक्टूबर 2018 में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो में विवाद के दौरान उन्हें अंतरिम निदेशक नियुक्त किया गया था। विशिष्ट सेवा और असाधारण सेवा के लिए उन्हें राष्ट्रपति पुलिस पदक तथा ओडिशा के राज्यपाल पदक से सम्मानित किया जा चुका है।

जुलाई 2020 में अग्निशमन सेवा विभाग से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा। वर्तमान में वह सर्वजन सनातन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। उनकी अगुवाई में पार्टी अब उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में सभी 70 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारने की तैयारी कर रही है।

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