October 29, 2026 3:16 pm

CM धामी ने गिनाईं सरकार की प्राथमिकताएं, कहा —अभी बहुत आगे हमें जाना है, विपक्ष पर साधा निशाना

गैरसैंण। भराड़ीसैंण में विधानसभा सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मीडिया से बातचीत में सरकार की प्राथमिकताएं गिनाईं। उन्होंने युवाओं को रोजगार देने, सरकारी भर्तियों का सिलसिला जारी रखने, खराब सड़कों को ठीक करने, पहाड़ों से पलायन रोकने और महिलाओं को सशक्त बनाने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने 10 हजार नौकरियों के लिए तैयार भर्ती कैलेंडर पूरा करने का भरोसा देते हुए अब तक 35 हजार से अधिक नियुक्तियां किए जाने का भी उल्लेख किया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस और विपक्षी नेताओं पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। बातचीत के अंत में कविता की पंक्तियों के जरिए विकास की यात्रा को आगे बढ़ाने का संदेश देते हुए कहा, “अभी बहुत आगे हमें जाना है।”

10 हजार भर्तियों का कैलेंडर पूरा करने का भरोसा

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी मिलने पर उन्होंने खाली पदों को ईमानदारी से भरने का संकल्प लिया था। सरकार ने 10 हजार नौकरियों के लिए जो कैलेंडर तैयार किया है, उसे पूरी तरह पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकारी भर्तियों की प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी।

धामी ने भर्ती प्रक्रिया की निरंतरता का जिक्र करते हुए इसकी तुलना चारधाम यात्रा से की। उन्होंने कहा कि जिस तरह चारधाम यात्रा का सिलसिला चलता रहता है, उसी तरह प्रदेश में सरकारी भर्तियों की प्रक्रिया भी आगे बढ़ती रहेगी। मुख्यमंत्री ने अब तक 35 हजार से अधिक नियुक्तियां किए जाने की बात भी कही। हालांकि, बातचीत में उन्होंने भर्ती कैलेंडर में शामिल पदों, विभागवार रिक्तियों और नियुक्तियां पूरी होने की विस्तृत समयसीमा का ब्योरा नहीं दिया।

खराब सड़कों की मरम्मत प्राथमिकता

प्रदेश में सड़कों की स्थिति पर मुख्यमंत्री ने कहा कि खराब सड़कों को ठीक करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने बताया कि कहीं सड़क खराब दिखाई देती है तो वह उसकी तस्वीर खींचकर संबंधित अधिकारी को भेज देते हैं, ताकि समस्या पर ध्यान दिया जा सके और मरम्मत का काम आगे बढ़े।

मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्देश देने के बाद भी यदि किसी सड़क को तुरंत ठीक नहीं किया जा पाता, तो वह इस विषय को संबंधित अधिकारियों के सामने रखते हैं। पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में सड़क संपर्क लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ा है। गांवों से शहरों तक पहुंच, मरीजों को अस्पताल ले जाने और स्थानीय कारोबार जैसी गतिविधियों के लिए सड़कें महत्वपूर्ण हैं।

राष्ट्रीय महत्व की परियोजना पर पुनर्वास और आर्थिक व्यवस्था का जिक्र

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय महत्व की एक बड़ी परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें बड़े स्तर पर पुनर्वास किया जाना है और परियोजना में उत्तराखंड का हिस्सा अपेक्षाकृत अधिक है। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से जुड़ी इस परियोजना को लेकर पांच राज्यों के बीच समझौता हुआ है।

धामी के अनुसार, हिमाचल प्रदेश ने पानी की आवश्यकता नहीं होने के कारण अपना पानी नहीं लेने की बात कही है। परियोजना के तहत बनने वाली बड़ी बिजली परियोजना पर तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है। इससे बनने वाली बिजली उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश, दोनों को मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश निर्माण कार्य में धनराशि नहीं दे रहा है और पानी भी नहीं ले रहा है। ऐसे में जिन राज्यों को उसके हिस्से का पानी मिलेगा, वे करीब 1,500 करोड़ रुपये का भुगतान करेंगे। उन्होंने उत्तराखंड की सिंचाई और पेयजल संबंधी जरूरतों का उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार की ओर से बिना ब्याज वाला शासकीय ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की बात कही।

पुनर्वास के सवाल पर धामी ने स्वीकार किया कि जमीन से जुड़ी कुछ व्यावहारिक समस्याएं हैं। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित लोगों और हितधारकों से बातचीत की जाएगी और उनकी सहमति के साथ परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा।

पलायन रोकने और महिलाओं के सशक्तीकरण पर जोर

मुख्यमंत्री ने प्रदेश को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लक्ष्य को दोहराते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में सरकार इस दिशा में काम कर रही है। उन्होंने पहाड़ों से पलायन रोकने, युवाओं को रोजगार देने, महिलाओं को सशक्त बनाने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने को सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताया।

उत्तराखंड में रोजगार और बेहतर सुविधाओं की तलाश में पहाड़ों से मैदानी क्षेत्रों की ओर पलायन लंबे समय से चुनौती रहा है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में रोजगार और बुनियादी सुविधाओं को प्रदेश के विकास के लिए अहम बताया।

कांग्रेस और विपक्ष पर साधा निशाना

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और विपक्षी नेताओं पर राजनीति से प्रेरित होकर भ्रम फैलाने और अराजकता का माहौल बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कुछ नेता सत्ता के बिना नहीं रह पा रहे हैं और विपक्ष में निराशा व हताशा है।

धामी ने उत्तराखंड की संस्कृति और सामाजिक मर्यादाओं का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी नेता राजनीतिक लाभ के लिए अमर्यादित भाषा और भ्रामक बयानों का इस्तेमाल करते हैं। राहुल गांधी और कांग्रेस के अन्य नेताओं का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेता उत्तराखंड के लोगों के मान-सम्मान को नजरअंदाज कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की जनता सब जानती है।

कविता के जरिए दिया आगे बढ़ने का संदेश

बातचीत के अंत में मुख्यमंत्री ने कविता की पंक्तियां सुनाकर प्रदेश के विकास के प्रति अपना संकल्प दोहराया। उन्होंने देवभूमि के आशीर्वाद, जनता के विश्वास और उत्तराखंड को आगे ले जाने की भावना व्यक्त करते हुए कहा—

देवभूमि का आशीर्वाद लिए, सांसों में शंखनाद लिए, हमें मिलकर कदम बढ़ाना है, हमें मिलकर चलते जाना है।

अभी बहुत आगे हमें जाना है, अभी बहुत आगे हमें जाना है। जन-जन का विश्वास लिए, आंखों में नौ आकाश लिए।

हमें सूरज नया उगाना है, हमें सूरज नया उगाना है। अभी बहुत आगे हमें जाना है, अभी बहुत आगे हमें जाना है।

मुख्यमंत्री ने रोजगार, सड़क, पलायन और महिला सशक्तीकरण जैसे मुद्दों को सरकार की प्राथमिकताओं के रूप में सामने रखते हुए विकास की यात्रा जारी रखने का संदेश दिया।

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