October 18, 2026 3:37 am

विधानसभा चुनाव से पहले मुद्दों पर सरकार को घेरेगी कांग्रेस, 15 दिन का कार्यक्रम जारी

देहरादून। उत्तराखंड में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपनी रणनीति तेज कर दी है। मुख्य विपक्षी दल ने प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाने और सरकार को घेरने की तैयारी की है। इसके लिए पार्टी ने शुरुआती चरण में 15 दिनों का कार्यक्रम तय किया है। कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की।

कुमारी शैलजा ने कहा कि देशभर में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर का मुद्दा चर्चा में है। इस प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। कांग्रेस राष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे को उठा रही है। इसके साथ ही अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कथित वीआईपी को राज्यपाल बनाए जाने का मामला भी पार्टी के प्रमुख मुद्दों में शामिल है।

22 से 25 अक्टूबर तक निकलेगी न्याय यात्रा

कांग्रेस 22 से 25 अक्टूबर तक प्रदेशभर में न्याय यात्रा निकालेगी। यह यात्रा सभी विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। पार्टी का कहना है कि यात्रा के माध्यम से जनता को प्रदेश के प्रमुख मुद्दों से अवगत कराया जाएगा। इसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है।

27 अक्टूबर को भराड़ीसैंण विधानसभा का घेराव

गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में प्रस्तावित सत्र के दौरान कांग्रेस 27 अक्टूबर को विधानसभा का घेराव करेगी। कुमारी शैलजा ने कहा कि पार्टी इन मुद्दों पर जनता के बीच जाएगी और सदन के भीतर भी आवाज उठाएगी। अंकिता भंडारी हत्याकांड का मामला भी विधानसभा में उठाया जाएगा। कांग्रेस ने आम लोगों से भी घेराव में शामिल होने की अपील करने की बात कही है।

एक नवंबर को दिल्ली की रैली में शामिल होंगे कार्यकर्ता

कांग्रेस एक नवंबर को दिल्ली में आयोजित होने वाली बड़ी रैली में भी भाग लेगी। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता इसमें शामिल होंगे। शैलजा ने कहा कि इससे पहले 12 अक्टूबर को दिल्ली में हुए प्रदर्शन में भी उत्तराखंड कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया था।

जमीनों की बिक्री और कथित घोटालों के विरोध में प्रदर्शन

प्रदेश में जमीनों की बिक्री, नीलामी और कथित भूमि घोटालों के विरोध में कांग्रेस चार नवंबर को प्रदेश के जिला मुख्यालयों और राज्य मुख्यालय में प्रदर्शन करेगी। कुमारी शैलजा के मुताबिक, जिन जमीनों को बेचा या नीलाम किया गया है, वहां भी धरना दिया जाएगा। पार्टी ने इन मामलों को जनता के बीच उठाने का फैसला किया है।

उन्होंने बताया कि नवंबर और दिसंबर में भी प्रदेशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। संगठन स्तर पर इन कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा तैयार कर आगे जनता के सामने रखी जाएगी। कांग्रेस का लक्ष्य विधानसभा चुनाव से पहले इन मुद्दों को लेकर सरकार पर राजनीतिक दबाव बढ़ाना और जनता के बीच अपनी सक्रियता बढ़ाना है।

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