October 17, 2026 3:53 am

हरीश रावत और गणेश गोदियाल समेत 30 कांग्रेस नेताओं पर मुकदमा, लोकभवन के बाहर प्रदर्शन का मामला

देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी को राज्यपाल बनाए जाने के विरोध में लोकभवन के बाहर प्रदर्शन करने के मामले में पुलिस ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल समेत 30 कांग्रेस नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। प्राथमिकी में 10 से 15 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 132 और 223 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

बिना अनुमति प्रदर्शन करने का आरोप

कैंट थाना प्रभारी संतोष सिंह कुंवर की शिकायत के अनुसार, कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को घंटाघर से जिला प्रशासन तक कैंडल मार्च निकालकर ज्ञापन देना था। आरोप है कि प्रदर्शनकारी बिना अनुमति लोकभवन पहुंच गए और मुख्य द्वार के सामने प्रदर्शन करने लगे।

प्राथमिकी में कहा गया है कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने और यातायात बाधित नहीं करने के निर्देश दिए, लेकिन उन्होंने इन निर्देशों का पालन नहीं किया। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने बैरियर पार कर जबरन आगे बढ़ने का प्रयास किया, जिससे सरकारी कार्य में बाधा और यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति बनी।

पुलिस के मुताबिक, स्थिति नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल बुलाया गया और प्रदर्शनकारियों को मौके से हटाया गया।

इन नेताओं के नाम प्राथमिकी में शामिल

एसपी सिटी शेखर सुयाल के अनुसार, थाना प्रभारी की शिकायत पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, प्रीतम सिंह, हरक सिंह रावत, ज्योति रौतेला, गरिमा दसौनी और पूर्व विधायक राजकुमार समेत 30 कांग्रेस नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके अलावा 10 से 15 अज्ञात कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भी आरोपी बनाया गया है।

मामले की विवेचना पुलिस उपनिरीक्षक कैलाश चंद्र भट्ट को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि मामले में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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