October 13, 2026 4:46 am

कुंभ-2027 की तैयारियों को मिली नई पहचान, मुख्यमंत्री धामी ने किया लोगो, वेबसाइट और गीत का लोकार्पण

हरिद्वार। हरिद्वार कुंभ मेला-2027 की धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को देश-दुनिया तक पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को कुंभ के आधिकारिक लोगो, वेबसाइट और गीत का लोकार्पण किया। मेला नियंत्रण भवन के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ भारत की प्राचीन आध्यात्मिक परंपरा, सनातन संस्कृति और जनआस्था का विराट उत्सव है। राज्य सरकार कुंभ-2027 के दिव्य और भव्य आयोजन के लिए प्रतिबद्ध है। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुगम आवागमन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आधिकारिक लोगो, वेबसाइट और गीत कुंभ की विशिष्ट पहचान को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के साथ श्रद्धालुओं और आमजन को आयोजन से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इन माध्यमों से कुंभ से संबंधित जानकारियां लोगों तक पहुंचाने और आयोजन का संदेश व्यापक स्तर पर प्रसारित करने में मदद मिलेगी।

लोगो में दिखाई देगी हरिद्वार की धार्मिक विरासत

हरिद्वार कुंभ-2027 के आधिकारिक लोगो में मां गंगा, हरकी पैड़ी क्षेत्र, धनुष पुल और सूर्योदय की छटा को दर्शाया गया है। इसमें शिव प्रतिमा, साधु-संतों, त्रिशूल, डमरू तथा मां मनसा देवी और मां चंडी देवी की पहाड़ियों को भी स्थान दिया गया है। ये प्रतीक हरिद्वार की आध्यात्मिक महत्ता, धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को अभिव्यक्त करते हैं।

लोगो का उपयोग कुंभ से संबंधित प्रचार सामग्री, प्रकाशनों और डिजिटल मंचों पर किया जाएगा। इससे आयोजन की दृश्य पहचान को एकरूपता मिलेगी और प्रचार-प्रसार को व्यवस्थित स्वरूप दिया जा सकेगा।

कुंभ मेला-2027 का लोगो तैयार करने के लिए मेला प्रशासन ने राज्य के युवाओं और विद्यार्थियों से डिजाइन आमंत्रित किए थे। प्राप्त सैकड़ों प्रविष्टियों में से 13 श्रेष्ठ और मौलिक डिजाइनों पर चयन समिति ने विचार किया। इसके बाद विकासनगर के जगजीतपुर, हरिद्वार निवासी मधु शर्मा के डिजाइन का चयन किया गया। इसी के आधार पर कुंभ का आधिकारिक लोगो तैयार किया गया है।

वेबसाइट से मिलेंगी कुंभ से जुड़ी जानकारियां

कुंभ मेला-2027 की आधिकारिक वेबसाइट https://haridwarkumbh.uk.gov.in के माध्यम से श्रद्धालुओं, आगंतुकों और आमजन को आयोजन से संबंधित प्रामाणिक जानकारियां उपलब्ध कराई जाएंगी। डिजिटल माध्यम के जरिए देश के विभिन्न हिस्सों के साथ विदेशों में रहने वाले श्रद्धालु भी कुंभ से जुड़ सकेंगे।

वेबसाइट से आयोजन संबंधी सूचनाओं को व्यवस्थित तरीके से प्रसारित करने और लोगों तक जानकारी की पहुंच आसान बनाने में मदद मिलेगी। इसके माध्यम से हरिद्वार की धार्मिक पहचान और कुंभ की विशेषताओं को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत किया जा सकेगा।

‘कुंभ का पर्व आ गया’ गीत से पहुंचेगा आस्था का संदेश

कार्यक्रम में कुंभ के आधिकारिक गीत ‘कुंभ का पर्व आ गया’ का भी लोकार्पण किया गया। ‘साधु और संतों के मन में हर्ष छा गया, कुंभ का पर्व आ गया’ पंक्तियों से शुरू होने वाले इस गीत में कुंभ के आगमन की खुशी, साधु-संतों के उत्साह और श्रद्धालुओं की आस्था को स्वर दिया गया है।

गीत की रचना, गायन और संगीत हरिद्वार निवासी गायक राघव राजा ने किया है। इसका उद्देश्य कुंभ के आगमन का संदेश जन-जन तक पहुंचाना और आयोजन के प्रति सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूत करना है। गीत के माध्यम से कुंभ की परंपरा, उल्लास और आध्यात्मिक वातावरण को आमजन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

परंपरा के साथ आधुनिक संचार माध्यमों का समन्वय

हरिद्वार कुंभ-2027 उत्तराखंड की आध्यात्मिक विरासत, धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर है। आधिकारिक लोगो कुंभ को विशिष्ट दृश्य पहचान देगा, वेबसाइट डिजिटल माध्यम से सूचनाएं उपलब्ध कराएगी और गीत आयोजन के प्रति जनभावनाओं को अभिव्यक्त करेगा। इन तीनों माध्यमों के समन्वित उपयोग से कुंभ की धार्मिक महत्ता और सांस्कृतिक वैभव को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने में मदद मिलेगी।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, धन सिंह रावत, सुबोध उनियाल, सौरभ बहुगुणा, खजान दास, भरत सिंह चौधरी, मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा और राम सिंह कैड़ा सहित मेलाधिकारी सोनिका, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत भुल्लर, महानिदेशक सूचना वंशीधर तिवारी तथा मेला और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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