October 11, 2026 5:06 am

उत्तराखंड में 112 सायरनों पर मिला भूकम्प पूर्व चेतावनी परीक्षण का अलर्ट, हर माह 9 तारीख को होगी जांच

देहरादून। उत्तराखंड में भूकम्प पूर्व चेतावनी प्रणाली की कार्यक्षमता परखने के लिए शुक्रवार सुबह 11 बजे सायरन बजाकर परीक्षण किया गया। इस दौरान प्रदेश में स्थापित 112 सायरनों पर अलर्ट प्राप्त हुआ। भूदेव मोबाइल अनुप्रयोग पर भी परीक्षण चेतावनी मिली। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से पूरी प्रक्रिया की निगरानी की गई। परीक्षण के दौरान सामने आई तकनीकी कमियों को दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में मौजूद रहे। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की के वैज्ञानिक भी ऑनलाइन माध्यम से जुड़कर परीक्षण की निगरानी करते रहे। इस दौरान सायरनों की कार्यप्रणाली और मोबाइल अनुप्रयोग पर प्राप्त चेतावनी का जायजा लिया गया।

विनोद कुमार सुमन ने बताया कि भूकम्प पूर्व चेतावनी प्रणाली का परीक्षण काफी हद तक सफल रहा। जिन स्थानों पर सायरनों के संचालन में तकनीकी दिक्कतें सामने आई हैं, उन्हें भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की के वैज्ञानिक चिह्नित कर रहे हैं। कमियों का आकलन करने के बाद उन्हें दूर कराया जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर सभी सायरन प्रभावी ढंग से काम कर सकें।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में भूकम्प पूर्व चेतावनी प्रणाली के तहत 169 सेंसर और 112 सायरन स्थापित किए गए हैं। सेंसर के माध्यम से भूकंपीय गतिविधियों की निगरानी की जाती है, जबकि सायरनों और मोबाइल अनुप्रयोग के जरिए लोगों तक चेतावनी पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की के सहयोग से अतिरिक्त सेंसर स्थापित करने का प्रस्ताव भी आगे बढ़ाया जा रहा है।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने प्रत्येक माह की 9 तारीख को सुबह 11 बजे सायरन बजाकर प्रणाली का नियमित परीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान सायरनों के संचालन और चेतावनी प्रणाली की स्थिति जांची जाएगी। कहीं तकनीकी समस्या मिलने पर उसे समय रहते ठीक कराया जाएगा, ताकि वास्तविक आपदा के समय चेतावनी प्रसारित करने में बाधा न आए।

सचिव विनोद कुमार सुमन ने स्पष्ट किया कि शुक्रवार को बजाए गए सायरन वास्तविक भूकम्प की चेतावनी नहीं, बल्कि पूर्व निर्धारित परीक्षण का हिस्सा थे। उन्होंने कहा कि नियमित परीक्षण का उद्देश्य तकनीकी व्यवस्था की कार्यक्षमता परखने के साथ आमजन को सायरन की आवाज से परिचित कराना भी है, ताकि आपात स्थिति में लोग सतर्क रहकर आवश्यक सावधानियां बरत सकें।

उन्होंने आमजन से अपील की कि वे अपने मोबाइल फोन में भूदेव अनुप्रयोग का अद्यतन संस्करण रखें और उसे स्थान संबंधी अनुमति दें, ताकि वास्तविक आपात स्थिति में चेतावनी संदेश प्राप्त करने में सुविधा हो। उन्होंने कहा कि भूकम्प जैसी आपदा के प्रभाव को कम करने के लिए तकनीकी तैयारियों के साथ जनजागरूकता और व्यक्तिगत सतर्कता भी जरूरी है।

इस अवसर पर अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रकाश चंद्र, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक राजकुमार नेगी, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश कुमार पुनेठा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

 

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