September 28, 2026 2:40 am

उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू के 641 मामले, कोविड और डेंगू ने भी बढ़ाई चिंता

देहरादून। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के बीच उत्तराखंड में मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। प्रदेश में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़कर 641 हो गए हैं। इनमें से 600 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि 39 मरीजों का इलाज चल रहा है। स्वाइन फ्लू से अब तक दो मरीजों की मौत हो चुकी है। पिछले 24 घंटे में 15 नए मामले सामने आए हैं, जिनमें नौ देहरादून और छह अन्य जिलों से हैं।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक स्वाइन फ्लू की जांच के लिए 2111 नमूने लिए गए हैं। इनमें 428 मरीज देहरादून और 213 मरीज अन्य जिलों में संक्रमित पाए गए हैं। विभाग का कहना है कि नए मरीजों की संख्या में पहले के मुकाबले कमी दिखाई दे रही है, लेकिन बदलते मौसम को देखते हुए निगरानी जारी है।

कोविड के 57 और डेंगू के 222 मामले

स्वाइन फ्लू के साथ कोविड और डेंगू के मामले भी सामने आ रहे हैं। कोविड संक्रमण की जांच के लिए अब तक 1060 नमूने लिए गए, जिनमें 57 लोग संक्रमित पाए गए। इनमें 29 देहरादून और 28 अन्य जिलों के हैं।

वहीं, डेंगू की जांच के लिए करीब 34,226 नमूने लिए गए हैं। इनमें 222 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। देहरादून में 109 और अन्य जिलों में 113 मामले सामने आए हैं। इनमें से 203 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि 19 का उपचार चल रहा है।

बच्चों और बुजुर्गों में ज्यादा मामले

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक स्वाइन फ्लू की चपेट में अलग-अलग आयु वर्ग के लोग आए हैं। इनमें एक साल से कम उम्र का एक बच्चा, एक से 10 वर्ष तक के 101 बच्चे, 11 से 20 वर्ष के 57, 21 से 30 वर्ष के 72, 31 से 40 वर्ष के 58, 41 से 50 वर्ष के 63, 51 से 60 वर्ष के 97, 61 से 70 वर्ष के 105, 71 से 80 वर्ष के 71 और 81 से 100 वर्ष के 16 मरीज शामिल हैं।

कुल 641 मरीजों में 339 पुरुष और 302 महिलाएं हैं। विभाग के अनुसार छोटे बच्चों और बुजुर्गों में संक्रमण के मामले विशेष रूप से सामने आए हैं।

तीन-चार दिन बुखार रहे तो डॉक्टर से लें सलाह

स्वास्थ्य विभाग की निदेशक डॉ. शिखा जगपांगी ने कहा कि स्वाइन फ्लू के नए मामलों में अब कमी दिखाई दे रही है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। मौसम बदलने के साथ अलग-अलग मौसमी बीमारियां सामने आती रहती हैं। स्वाइन फ्लू को लेकर पहले ही एडवाइजरी जारी की जा चुकी है और लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि यदि लगातार तीन से चार दिन तक बुखार बना रहता है और ठीक नहीं होता है तो खुद से दवा लेने के बजाय तत्काल अस्पताल जाकर चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए, ताकि बीमारी गंभीर स्थिति तक न पहुंचे।

स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षण

स्वाइन फ्लू में अचानक तेज बुखार और ठंड लगना, लगातार खांसी, गले में खराश या दर्द, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, अत्यधिक थकान, नाक बहना या बंद होना और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ बच्चों में उल्टी और दस्त की शिकायत भी हो सकती है।

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