September 26, 2026 3:36 pm

‘सारा’ तैयार करेगा भूजल रिचार्ज नीति, ‘एक जनपद-एक नदी’ परियोजना को मिलेगी गति, मुख्य सचिव ने दिए निर्देश

देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में स्प्रिंग एंड रिवर रेज्युविनेशन अथॉरिटी (सारा) की उच्च स्तरीय समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में भूजल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और नदियों के पुनर्जीवन को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मुख्य सचिव ने भूजल स्तर बढ़ाने के लिए व्यापक भूजल रिचार्ज नीति तैयार करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि सारा गैर सरकारी संस्थानों और आवासीय सोसायटियों में वर्षा जल संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भूजल रिचार्ज नीति तैयार करे, ताकि वर्षा जल का अधिकतम उपयोग कर भूजल स्तर को प्रभावी ढंग से बढ़ाया जा सके।

उन्होंने प्रदेश के पौराणिक एवं सांस्कृतिक महत्व वाले धारे-नौलों के संरक्षण और जीर्णोद्धार कार्यों के प्रस्ताव शीघ्र भेजने के निर्देश भी जिलाधिकारियों को दिए। उनका कहना था कि पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण से जल संकट कम करने में मदद मिलेगी।

बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में नदियों के पुनर्जीवन का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। इसके लिए शीघ्र ही एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जाए, जिससे सभी परियोजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। उन्होंने ‘एक जनपद-एक नदी’ परियोजना के तहत प्राप्त प्रस्तावों पर जल्द काम शुरू करने तथा बड़ी परियोजनाओं को विभिन्न विभागों के समन्वय से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में सारा के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जनपदों में 86 परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। वहीं उत्तरकाशी, नैनीताल और टिहरी जनपदों की 16 परियोजनाएं पूरी की जा चुकी हैं।

बैठक में प्रमुख सचिव एल. फैनई, सचिव दिलीप जावलकर, रणवीर सिंह चौहान, सी. रविशंकर, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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