September 29, 2026 12:11 am

नरेगा की जगह ‘विकसित भारत-जी राम जी योजना’ लागू, अब 125 दिन मिलेगा रोजगार

देहरादून। उत्तराखंड में ग्रामीण रोजगार व्यवस्था नए स्वरूप में लागू हो गई है। केंद्र सरकार के निर्देशों के तहत 1 जुलाई से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के स्थान पर ‘विकसित भारत-जी राम जी योजना’ लागू कर दी गई है। नई व्यवस्था के तहत ग्रामीण श्रमिकों को अब एक वित्तीय वर्ष में 125 दिन तक अकुशल श्रम रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा, जबकि मजदूरी दर बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिदिन निर्धारित की गई है।

सचिव ग्राम्य विकास धीराज गर्ब्याल ने बताया कि नई योजना के तहत कुल 318 प्रकार के कार्य शामिल किए गए हैं। इनमें जल संरक्षण से जुड़े 107 कार्य, ग्रामीण आधारभूत ढांचे के 88 कार्य, ग्रामीण आजीविका से जुड़े 86 कार्य तथा आपदा न्यूनीकरण के 37 कार्य शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य रोजगार के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण भी करना है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में 91.57 प्रतिशत सक्रिय श्रमिकों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है। शेष जॉब कार्ड धारकों से अपील की गई है कि वे एक सप्ताह के भीतर अपनी ग्राम पंचायत या विकासखंड कार्यालय में पहुंचकर ई-केवाईसी पूरी करा लें, ताकि नई योजना का लाभ लेने में किसी प्रकार की दिक्कत न हो। तब तक पुराने मनरेगा जॉब कार्ड अस्थायी रूप से मान्य रहेंगे।

सचिव ने कहा कि मनरेगा के तहत चल रहे कार्यों को नई योजना में अनुमन्य कार्यों के अनुसार समाहित किया जाएगा। इसके लिए ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों को प्रशिक्षित करने हेतु सभी जिलों में कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।

इसी बीच प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी 2.0) के तहत पात्र लाभार्थियों की अंतिम सूची तैयार करने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। राज्य की सभी ग्राम पंचायतों में ग्राम सभाओं की खुली बैठकें आयोजित कर सर्वे सूची का सत्यापन किया जा रहा है। यह प्रक्रिया 10 जुलाई तक पूरी की जाएगी।

धीराज गर्ब्याल ने बताया कि यदि किसी पात्र परिवार का नाम सर्वे सूची में शामिल नहीं हुआ है तो ग्राम सभा के माध्यम से उसका प्रस्ताव विकासखंड स्तर पर भेजा जाएगा। सभी जनपदों को 6 जुलाई तक ऐसे पात्र परिवारों की सूची शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि समय रहते भारत सरकार को अंतिम प्रस्ताव भेजा जा सके।

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