September 26, 2026 2:57 pm

चारधाम यात्रा 2026: केदारनाथ-बदरीनाथ में पूजा व्यवस्था में बदलाव, 11 लाख का मेगा विशेष पूजा पैकेज तैयार

देहरादून: उत्तराखंड में शुरू होने जा रही चारधाम यात्रा 2026 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार केदारनाथ धाम और बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के लिए पूजा व्यवस्था को और अधिक सरल और सुव्यवस्थित बनाने के लिए अहम बदलाव किए गए हैं। साथ ही एक विशेष “मेगा पूजा मॉड्यूल” भी तैयार किया जा रहा है, जिसकी कीमत करीब 11 लाख रुपये रखी गई है।

चारधाम यात्रा का आगाज 19 अप्रैल से होगा, जब यमुनोत्री धाम और गंगोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया के दिन खोले जाएंगे। इसके बाद 22 अप्रैल को केदारनाथ और 23 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।

पूजा शुल्क में बढ़ोतरी

बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के अनुसार, इस बार सभी पूजाओं के शुल्क में 5 से 10 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है। मंदिर समिति की आय का मुख्य स्रोत दान और पूजा से प्राप्त राशि ही है, जिससे व्यवस्थाएं संचालित की जाती हैं।

11 लाख का “मेगा पूजा पैकेज”

इस बार विशेष रूप से उन श्रद्धालुओं के लिए नया मॉड्यूल तैयार किया जा रहा है, जो एक साथ सभी प्रमुख पूजाएं कराना चाहते हैं। अब तक अलग-अलग बुकिंग की जटिल प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए यह पैकेज बनाया गया है। इसमें सभी प्रमुख अनुष्ठान एक ही पैकेज में शामिल होंगे।

रात में होंगे विशेष अनुष्ठान

मंदिर समिति के अनुसार, ये विशेष पूजाएं रात के समय कराई जाएंगी, जब भीड़ कम रहती है। इससे श्रद्धालुओं को शांत वातावरण में पूजा करने का अवसर मिलेगा।

अन्य प्रमुख धामों जैसा मॉडल

इस तरह की विशेष पूजा व्यवस्था पहले से तिरुपति बालाजी मंदिर और वैष्णो देवी मंदिर जैसे बड़े तीर्थस्थलों में भी प्रचलित है। उदाहरण के तौर पर तिरुपति में “उदयस्थानम् सेवा” के तहत करोड़ों रुपये तक की विशेष पूजा कराई जाती है, जिसमें सीमित श्रद्धालुओं को पूरे दिन विशेष दर्शन का अवसर मिलता है।

इसके अलावा देश के अन्य प्रमुख मंदिरों में भी अलग-अलग श्रेणी की पूजाओं के शुल्क निर्धारित हैं:

  • काशी विश्वनाथ मंदिर – ₹5,000 से ₹50,000
  • केदारनाथ धाम – ₹4,500 से ₹15,000
  • बदरीनाथ धाम – ₹3,000 से ₹6,000
  • वैष्णो देवी – ₹1,500 से ₹20,000
  • महाकालेश्वर मंदिर – ₹200 से ₹10,000

श्रद्धालुओं को मिलेगा आसान विकल्प

कुल मिलाकर, इस नई व्यवस्था का उद्देश्य श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा देना और पूजा प्रक्रिया को सरल बनाना है। खासतौर पर वे श्रद्धालु जो एक साथ कई अनुष्ठान करना चाहते हैं, उनके लिए यह “ऑल-इन-वन” पैकेज काफी उपयोगी साबित होगा।

और पढ़ें

मतदान सर्वेक्षण

0
Default choosing

Did you like our plugin?

Poola Jada

और पढ़ें