देहरादून। असम की महिला जेनी की ओर से वर्ष 2003 में नाबालिग अवस्था में दुष्कर्म किए जाने के लगाए गए आरोपों ने उत्तराखंड की सियासत गरमा दी है। मामले में देहरादून पुलिस ने जांच के आदेश दिए हैं। आरोप कांग्रेस के पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत पर लगाए गए हैं। हरक इन आरोपों को झूठा बताते हुए इसे भाजपा की साजिश करार दे चुके हैं। वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने मामले की निष्पक्ष जांच और पीड़िता को न्याय दिलाने की बात कही है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी इस मामले को लेकर भाजपा पर राजनीति करने का आरोप लगाया है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि 16 साल की उम्र में किसी लड़की के साथ हुई कथित घटना बेहद दुखद और चिंताजनक है। इस मामले को राजनीति या चुनाव के नजरिये से नहीं देखा जाना चाहिए। इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और पीड़िता को हर हाल में न्याय मिलना चाहिए। यदि किसी ने उसके साथ अत्याचार किया है तो उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाना चाहिए। प्रशासन को सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर सच्चाई सामने लानी चाहिए।
भट्ट ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी देहरादून दौरे के दौरान इस घटना का जिक्र किया था। उन्होंने कहा कि मामले से जुड़े तथ्यों और सामने आ रहे खुलासों की अलग-अलग जांच होनी चाहिए। जांच किसी राजनीतिक दबाव में नहीं, बल्कि तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर होनी चाहिए। दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
हरक के बयानों पर भट्ट का पलटवार
कांग्रेस की ओर से सरकार पर उठाए जा रहे सवालों पर महेंद्र भट्ट ने कहा कि कांग्रेस को राजनीति के अलावा कुछ नहीं आता। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने शासनकाल में हुए कृत्यों और गलतियों पर पर्दा डालने का प्रयास करती रही है। हरक सिंह रावत की राजनीति पर टिप्पणी करने से बचते हुए भट्ट ने कहा कि पीड़िता ने जो खुलासे किए हैं, उनकी स्वतंत्र जांच होनी चाहिए और मामले में दूध का दूध, पानी का पानी होना चाहिए।
हरक सिंह रावत के बयानों पर टिप्पणी करते हुए भट्ट ने कहा कि भगवान ने सभी को बोलने के लिए मुंह दिया है, लेकिन अनाप-शनाप बोलने वालों पर ऊपर वाला भी नजर रखता है। उन्होंने कहा कि मामले से जुड़े जिन तथ्यों के अब तक सामने नहीं आने की चर्चा थी, वे धीरे-धीरे सार्वजनिक हो रहे हैं।
हरीश रावत ने भाजपा पर लगाए राजनीति करने के आरोप
दूसरी ओर, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने 23 साल पुराने मामले को अब उठाए जाने के समय और मंशा पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा इस मामले को राजनीतिक रूप दे रही है। हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी लड़ाई जारी रखेगी।
यह है पूरा मामला
असम निवासी महिला सात नवंबर को देहरादून पहुंची थी। यहां आयोजित प्रेस वार्ता में उसने आरोप लगाया कि वर्ष 2003 में जब वह 16 साल की थी, तब देहरादून में उसके साथ दुष्कर्म हुआ था। महिला ने इस कथित घटना के लिए हरक सिंह रावत को जिम्मेदार ठहराया है। उसका दावा है कि घटना के बाद उसने एक बच्चे को जन्म दिया था और बच्चे के पितृत्व की पुष्टि के लिए डीएनए जांच की मांग की है।
आरोपों के बाद हरक सिंह रावत ने भी प्रेस वार्ता कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने महिला के आरोपों को झूठा बताया और कहा कि वर्ष 2003 में भी जब उन पर आरोप लगाए गए थे, तब उन्होंने खुद मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी। हरक के अनुसार, सीबीआई जांच में उन्हें क्लीन चिट मिली थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि जांच में सामने आया था कि महिला ने किसी के कहने पर उन पर आरोप लगाए थे। फिलहाल, महिला की शिकायत पर देहरादून पुलिस ने जांच के आदेश दिए हैं।












