November 7, 2026 9:53 pm

चार प्रमोटी पीसीएस अधिकारियों को 2007 से मिलेगी वरिष्ठता, शासन ने जारी किया आदेश

देहरादून। उत्तराखण्ड में प्रमोटी पीसीएस अधिकारियों की वरिष्ठता से जुड़े लंबे विवाद पर शासन ने फैसला लेते हुए चार अधिकारियों को एक अक्टूबर 2007 से वरिष्ठता का लाभ देने का आदेश जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में कार्मिक एवं सतर्कता विभाग ने चयन वर्ष 2007-08 की रिक्तियों के सापेक्ष इन अधिकारियों को डिप्टी कलेक्टर के पद पर नियमित पदोन्नति का लाभ देने की संस्तुति की है।

शासन के आदेश के अनुसार चंद्र सिंह मार्तोलिया, उत्तम सिंह चौहान, हरवीर सिंह और जगदीश चंद्र कांडपाल को अब वर्ष 2010 के बजाय एक अक्टूबर 2007 से वरिष्ठता और अन्य सेवा लाभ मिलेंगे। लंबे समय से इन अधिकारियों की वरिष्ठता निर्धारण और पदोन्नति की प्रभावी तिथि को लेकर विवाद चल रहा था।

दरअसल, सीधी भर्ती और पदोन्नति से पीसीएस संवर्ग में आए अधिकारियों के बीच वरिष्ठता को लेकर लंबे समय से कानूनी विवाद चल रहा था। प्रमोटी अधिकारी वर्ष 2007 की रिक्तियों के सापेक्ष वरिष्ठता देने की मांग कर रहे थे, जबकि सीधी भर्ती के अधिकारी इसका विरोध कर रहे थे। इस मामले में नैनीताल हाईकोर्ट ने प्रमोटी अधिकारियों के पक्ष में फैसला सुनाया था। इसके बाद सरकार और सीधी भर्ती के अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की, लेकिन शीर्ष अदालत से उन्हें राहत नहीं मिली।

सुप्रीम कोर्ट ने अक्टूबर 2007 से वरिष्ठता का लाभ देने के लिए याचिका दायर करने वाले प्रमोटी अधिकारियों के पक्ष में निर्देश जारी किए थे। साथ ही तीन महीने के भीतर आदेश का अनुपालन करने को कहा था। इसी के बाद शासन ने वरिष्ठता और पदोन्नति से संबंधित संशोधित आदेश जारी किया है।

आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि नियमानुसार पांच, 12 और 14 वर्ष की सेवा अवधि पूरी होने पर संबंधित अधिकारियों को क्रमशः वरिष्ठ वेतनमान, चयन श्रेणी और विशेष श्रेणी वेतनमान का लाभ प्रभावी होगा। संशोधित तिथि के आधार पर बकाया धनराशि के भुगतान और भारतीय प्रशासनिक सेवा में पदोन्नति के लिए रिक्तियों के सापेक्ष आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

सुप्रीम कोर्ट के जुलाई 2026 के निर्णय के बाद जारी इस आदेश से चारों अधिकारियों की वरिष्ठता और पदोन्नति की स्थिति स्पष्ट हो गई है।

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