October 23, 2026 3:53 pm

युवाओं की मेहनत और प्रतिभा से साकार होगा विकसित भारत 2047 का सपना: CM धामी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को साकार करने में युवाओं की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होगी। युवाओं की प्रतिभा, मेहनत और लगन से ही विकसित भारत का सपना पूरा होगा। उन्होंने युवाओं से रोजगार पाने तक सीमित न रहने, बल्कि स्वरोजगार और उद्यमिता के माध्यम से दूसरों को रोजगार देने वाला बनने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री गुरुवार को बिधौली स्थित यूपीईएस के 24वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने छह विद्यार्थियों को रजत पट्टिका पुरस्कार से सम्मानित किया। समारोह में कुल 4,795 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की जा रही हैं। इनमें नियमित पाठ्यक्रमों के 3,806 और ऑनलाइन पाठ्यक्रमों के 989 विद्यार्थी शामिल हैं।

उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए धामी ने कहा कि दीक्षांत समारोह उनके जीवन के नए अध्याय की शुरुआत है। अब उन्हें जीवन की वास्तविक चुनौतियों का सामना करना होगा। सफलता के लिए मेहनत, लगन और निरंतर सीखने की भावना जरूरी है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति की असली पहचान उसके व्यवहार, विनम्रता और संस्कारों से होती है। दूसरों की सहायता करने और समाज के लिए अच्छे कार्य करने से ही वास्तविक संतुष्टि मिलती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपीईएस ने पिछले दो दशकों में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी देश और दुनिया में अपनी प्रतिभा व उपलब्धियों से उत्तराखंड और भारत का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने हाल ही में आयोजित निबंध प्रतियोगिता का उल्लेख करते हुए बताया कि इसमें ढाई लाख से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लेकर विभिन्न विषयों पर अपने विचार और सुझाव प्रस्तुत किए। यह युवाओं की जागरूकता और सकारात्मक सोच को दर्शाता है।

तकनीक, नवाचार और उद्यमिता पर जोर

धामी ने कहा कि वर्तमान समय कृत्रिम बुद्धिमत्ता, आंकड़ा विज्ञान, हरित ऊर्जा और डिजिटल तकनीक का है। राज्य सरकार उत्तराखंड को शिक्षा, विज्ञान, तकनीक और अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए प्रयासरत है। प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू की गई है। वहीं, आधुनिक शिक्षा के साथ सांस्कृतिक विरासत और जीवन मूल्यों को जोड़ने के उद्देश्य से दून विश्वविद्यालय में हिंदू अध्ययन केंद्र स्थापित किया गया है।

उन्होंने कहा कि युवाओं में वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए देहरादून में विज्ञान नगरी का निर्माण किया जा रहा है। राज्य में नए उद्यमों को प्रोत्साहित करने के लिए स्टार्टअप और नवाचार संबंधी पहल के साथ नवाचार केंद्र भी स्थापित किए गए हैं। सरकार का प्रयास है कि युवा अपनी प्रतिभा के बल पर नए अवसर तैयार करें और दूसरों के लिए रोजगार के रास्ते खोलें।

पारदर्शी भर्ती व्यवस्था से 35 हजार से अधिक युवाओं को नौकरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। उनके अनुसार, पिछले पांच वर्षों में पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से प्रदेश के 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को योग्यता और मेहनत के आधार पर आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

समारोह के दौरान मुख्यमंत्री विद्यार्थियों और उनके परिजनों के बीच पहुंचे। उन्होंने विद्यार्थियों से बातचीत कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और विभिन्न राज्यों से आए परिजनों का कुशलक्षेम जाना।

कार्यक्रम में उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, यूपीईएस के अध्यक्ष डॉ. राम के. शर्मा, कुलपति डॉ. सुनील राय, प्रो-वाइस चांसलर मनीष मदान सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, विद्यार्थी और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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