रुद्रप्रयाग। जिला पंचायत सदस्य ग्यालू लाल के भाजपा में शामिल होने के पांच दिन बाद ही कांग्रेस में लौटने से जिले की राजनीति में हलचल मच गई है। जिला योजना समिति के चुनाव से पहले हुए इस घटनाक्रम ने राजनीतिक दलों की रणनीति और बदलते समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज कर दी हैं। ग्यालू लाल ने भाजपा में शामिल होने के अपने फैसले को गलती बताते हुए कहा कि अब उन्होंने उसे सुधार लिया है।
रुद्रप्रयाग के गुलाबराय स्थित एक होटल में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ग्यालू लाल ने भाजपा में शामिल होने के पीछे की वजह बताई। उन्होंने कहा कि जिला योजना समिति का सदस्य बनने के लिए भाजपा में शामिल होने की शर्त रखी गई थी। कार्यकर्ताओं से विचार-विमर्श के बाद उन्होंने रणनीति बनाई और उसी के तहत भाजपा में शामिल होने का निर्णय लिया। जिला योजना समिति का सदस्य बनने में सफलता मिलने के बाद वह अपने पुराने राजनीतिक दल कांग्रेस में लौट आए हैं।
भाजपा पर लगाए आरोप
ग्यालू लाल ने भाजपा पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने उसी की भाषा में जवाब दिया है। उनके इस बयान के बाद जिले में दल-बदल की राजनीति को लेकर बहस और तेज हो गई है। हालांकि, भाजपा में शामिल होने और फिर कांग्रेस में लौटने के पीछे की पूरी परिस्थितियों को लेकर अलग-अलग चर्चाएं जारी हैं।
जिला योजना समिति के चुनाव के बाद बदले समीकरण
ग्यालू लाल की कांग्रेस में वापसी ऐसे समय हुई है, जब प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। उनके इस कदम को जिला योजना समिति के चुनाव और जिले की राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। कांग्रेस नेताओं ने उनके भाजपा में शामिल होने के फैसले को रणनीति का हिस्सा बताया है।
पांच दिन के भीतर भाजपा से कांग्रेस में वापसी के इस घटनाक्रम ने रुद्रप्रयाग की राजनीति में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, पूरे घटनाक्रम के पीछे की रणनीति को लेकर ग्यालू लाल के बयान और राजनीतिक दलों के दावों से आगे की स्थिति स्पष्ट नहीं है।












