October 17, 2026 4:40 am

रेखा आर्या और पति गिरधारी साहू के विवाद ने पकड़ा सियासी तूल, क्या कांग्रेस को मिल गया भाजपा को घेरने का नया मुद्दा?

देहरादून। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच विवाद अब राजनीतिक रंग लेने लगा है। रेखा आर्या की ओर से पति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने और एक भावुक वीडियो जारी करने के बाद कांग्रेस ने भाजपा और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को घेरना शुरू कर दिया है। वहीं, गिरधारी लाल साहू ने भी सामने आकर आरोपों को खारिज किया है और मंत्री पर पलटवार किया है। इस पूरे घटनाक्रम ने प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है।

पति पर प्रताड़ना और पहली शादी छिपाने के आरोप

15 अक्टूबर को सोमेश्वर से भाजपा विधायक और कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने वीडियो जारी कर पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी पर गंभीर आरोप लगाए। उनकी शिकायत के आधार पर देहरादून के कैंट थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि साहू ने वर्ष 2004 में खुद को अविवाहित बताकर उनसे विवाह किया, जबकि वह पहले से विवाहित थे।

मंत्री ने पति पर मारपीट, शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना, जान से मारने की धमकी देने तथा सरकारी आवास में कर्मचारियों के सामने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने के आरोप भी लगाए हैं। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि उन्हें कुछ कंपनियों के निदेशक पद से हटाने के लिए उनके हस्ताक्षरों का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल किया गया। प्राथमिकी में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम समेत विभिन्न धाराएं लगाई गई हैं।

रेखा आर्या ने वीडियो में महिलाओं से घरेलू हिंसा और प्रताड़ना के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने ऑडियो रिकॉर्डिंग का हवाला देते हुए अपनी और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। हालांकि, ऑडियो की प्रामाणिकता और शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

कांग्रेस ने मुख्यमंत्री से की कार्रवाई की मांग

मामले के सामने आने के बाद कांग्रेस ने भाजपा सरकार को घेरना शुरू कर दिया। पार्टी प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने सवाल उठाया कि जब प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं, तो आम महिलाओं की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।

दसौनी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मामले को गंभीरता से लेने और कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि रेखा आर्या की ओर से जारी ऑडियो की जांच होनी चाहिए और आरोपों की पुष्टि होने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा।

अंकिता भंडारी मामले को लेकर भी साधा निशाना

कांग्रेस प्रवक्ता ने इस विवाद को अंकिता भंडारी हत्याकांड से जोड़ते हुए रेखा आर्या पर भी निशाना साधा। दसौनी ने कहा कि मंत्री का वीडियो देखकर दुख हुआ, लेकिन उनके अनुसार रेखा आर्या ने हाल में अंकिता भंडारी मामले में कथित वीआईपी के पक्ष में बयान देकर उसे क्लीन चिट देने की कोशिश की थी।

दसौनी ने सवाल उठाया कि महिलाओं के उत्पीड़न के मामलों में पीड़ितों के साथ खड़े होने की जिम्मेदारी निभाना जरूरी है। उनके बयान के बाद यह विवाद केवल पारिवारिक मामले तक सीमित न रहकर राजनीतिक बहस का विषय बन गया है।

महिला आयोग ने पुलिस से कार्रवाई के निर्देश दिए

रेखा आर्या का वीडियो सामने आने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने की जानकारी भी सामने आई। उन्हें देहरादून के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उत्तराखंड महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल उनसे मिलने अस्पताल पहुंचीं।

कंडवाल ने कहा कि पारिवारिक विवादों में महिलाएं अक्सर परिवार बचाने का प्रयास करती हैं, लेकिन प्रयास सफल नहीं होने पर उन्हें अपनी बात सामने रखनी पड़ती है। उन्होंने बताया कि देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

भाजपा ने कहा- घरेलू हिंसा के खिलाफ कार्रवाई करना बड़ा संदेश

भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता हनी पाठक ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि रेखा आर्या का मामला घरेलू हिंसा से जुड़ा है और इसे किसी बाहरी व्यक्ति की ओर से महिलाओं की सुरक्षा को खतरे के रूप में पेश करना उचित नहीं है।

पाठक ने कहा कि मंत्री ने अपने साथ हो रहे कथित शोषण के खिलाफ कार्रवाई करके महिलाओं को बड़ा संदेश दिया है। भाजपा ने इस मामले में कांग्रेस की राजनीतिक प्रतिक्रिया पर सवाल उठाए हैं।

गिरधारी साहू ने आरोपों को बताया झूठा, ऑडियो को कहा कृत्रिम

दूसरी ओर, गिरधारी लाल साहू ने रेखा आर्या की ओर से लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने दावा किया कि जारी की गई ऑडियो क्लिप कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से तैयार की गई है। साहू ने मंत्री से अपनी शिकायत और बयान वापस लेने की मांग करते हुए चेतावनी भी दी।

उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मामले में न्याय करने की अपील की। साथ ही रेखा आर्या की संपत्ति को लेकर सवाल उठाते हुए उसकी जांच की मांग की। साहू की ओर से लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

पुराने विवाद भी फिर चर्चा में

इस विवाद के बीच गिरधारी लाल साहू से जुड़े पुराने मामले भी चर्चा में आ गए हैं। पूर्व में प्रकाशित खबरों और उपलब्ध न्यायिक रिकॉर्ड के अनुसार, उनका नाम जमीन के लेनदेन से जुड़े मुकदमों और बरेली के चर्चित जैन दंपती हत्याकांड की न्यायिक कार्यवाही में सामने आया था। वर्ष 2017 में गुर्दा प्रत्यारोपण से संबंधित शिकायत की जांच की खबरें भी प्रकाशित हुई थीं। इसके अलावा बिहार की लड़कियों को लेकर दिए गए उनके कथित बयान पर भी पहले विवाद हुआ था।

इन पुराने मामलों में सामने आए आरोपों और न्यायिक कार्यवाही को दोषसिद्धि के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

क्या कांग्रेस को मिल गया भाजपा को घेरने का नया मुद्दा?

रेखा आर्या और गिरधारी लाल साहू के बीच विवाद ने भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज कर दी है। कांग्रेस इसे महिलाओं की सुरक्षा और सरकार की जवाबदेही से जोड़ रही है, जबकि भाजपा का कहना है कि मंत्री ने कथित घरेलू हिंसा के खिलाफ कानूनी कदम उठाकर उदाहरण पेश किया है।

अब इस मामले में पुलिस जांच, ऑडियो की प्रामाणिकता और दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों पर होने वाली कार्रवाई अहम होगी। फिलहाल, आरोपों की सच्चाई जांच और कानूनी प्रक्रिया से ही सामने आएगी।

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