October 11, 2026 5:07 am

जनसमस्याओं का समयबद्ध समाधान करें अधिकारी, लोगों को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें : मुख्यमंत्री

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसमस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। लोगों को अपने काम के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं और सेवाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री शनिवार को देहरादून के तपोवन रोड स्थित क्षत्रिय चेतना मंच में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया और लाभार्थियों को कृषि यंत्र, मशरूम मिनीकिट तथा बाल विकास विभाग की महालक्ष्मी एवं किशोरी किट वितरित कीं।

शिविरों में मौके पर हो समस्याओं का समाधान

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि शिविरों में प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उनका समयबद्ध निस्तारण किया जाए। जिन समस्याओं के समाधान में समय लगना जरूरी हो, उनके संबंध में शिकायतकर्ता को स्पष्ट जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं का समाधान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जनसेवा का महत्वपूर्ण दायित्व है।

दो चरणों में 6.5 लाख से अधिक लोगों की भागीदारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से प्रदेश में सेवा संकल्प अभियान संचालित किया जा रहा है। इससे पहले ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के दो चरणों में 6.5 लाख से अधिक लोगों ने भागीदारी की। इस दौरान लोगों की समस्याओं का समाधान करने के साथ ही पात्र नागरिकों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिया गया।

उन्होंने कहा कि बहुउद्देशीय शिविरों का उद्देश्य केवल विभागीय स्टॉल लगाना नहीं, बल्कि सरकारी योजनाओं और सेवाओं को सीधे जनता तक पहुंचाना है। शासन-प्रशासन को स्वयं जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुननी चाहिए और आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति जानकारी के अभाव या प्रक्रियागत जटिलताओं के कारण योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।

बुजुर्गों, महिलाओं और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को मिले सुविधा

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनसेवाओं को सरल, सुलभ और प्रभावी बनाने के लिए निरंतर काम कर रही है। प्रमाणपत्र, पेंशन, राशन कार्ड, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य सरकारी कार्यों के लिए लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो। विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्थानीय स्तर पर ही जरूरी सेवाओं का लाभ मिलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वास्थ्य सेवाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शिविरों में स्वास्थ्य जांच और चिकित्सा परामर्श की सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि बीमारियों की समय पर पहचान और जरूरतमंदों को उचित उपचार मिल सके। आयुष्मान भारत और अटल आयुष्मान उत्तराखंड जैसी योजनाओं के माध्यम से भी पात्र लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवासियों से शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाने और अपनी समस्याएं संबंधित विभागों के अधिकारियों के सामने रखने की अपील की। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों से जनसेवा की भावना के साथ काम करने का आह्वान करते हुए कहा कि जनभागीदारी और सुशासन के माध्यम से ही विकसित उत्तराखंड के संकल्प को साकार किया जा सकता है।

कार्यक्रम में विधायक उमेश शर्मा काऊ, जिलाधिकारी आशीष चौहान, एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडे, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोभाल, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह सहित जनप्रतिनिधि और जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

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