October 8, 2026 4:49 am

उत्तराखंड में एसआईआर के बाद छूटे नाम जुड़वाने का अभियान, 8 से 10 अक्टूबर तक विशेष शिविर का आयोजन

देहरादून: उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद अब उन लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिनके नाम सूची में दर्ज नहीं हो पाए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के निर्देश पर 8 से 10 अक्टूबर तक प्रदेश के सभी मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे।

इन शिविरों में वर्तमान मतदाता सूची की पूर्व की मतदाता सूची से तुलना की जाएगी। इसके बाद 12 से 20 अक्टूबर तक घर-घर जाकर भी अभियान चलाया जाएगा। बूथ स्तर के अधिकारी ऐसे मतदाताओं की पहचान करेंगे, जिनके नाम अंतिम सूची में शामिल नहीं हैं। पात्र लोगों से नाम जुड़वाने के लिए निर्धारित प्रपत्र भरवाया जाएगा। इसकी जानकारी राजनीतिक दलों के बूथ स्तर के प्रतिनिधियों के साथ भी साझा की जाएगी।

3 अक्टूबर को जारी अंतिम मतदाता सूची के अनुसार उत्तराखंड में कुल 71 लाख 58 हजार 949 मतदाता दर्ज हैं। विशेष गहन पुनरीक्षण से पहले 6 जनवरी 2025 की मतदाता सूची में 84 लाख 29 हजार 459 मतदाता दर्ज थे।

विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया शुरू होने से पहले 7 लाख 73 हजार 445 नाम हटाए गए थे, जबकि 2 लाख 71 हजार 404 नए नाम जोड़े गए। इसके बाद मतदाता सूची को 79 लाख 27 हजार 418 मतदाताओं पर स्थिर किया गया।

विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया के दौरान भी नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया जारी रही। इस दौरान 8 लाख 26 हजार 977 नाम एएसडी श्रेणी में तथा 1 लाख 4 हजार 708 नाम अपात्र पाए गए, जबकि 1 लाख 29 हजार 872 नए मतदाता जोड़े गए। इसके बाद 3 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की गई।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम के अनुसार, निर्वाचन आयोग के निर्देश पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक केवल प्रक्रिया के दौरान नाम छूट जाने के कारण मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।

मतदाता सूची में नाम नहीं होने वाले पात्र नागरिक विशेष शिविरों और घर-घर अभियान के दौरान अपना नाम जुड़वाने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकेंगे।

यह खबर मैंने आपकी दी हुई सामग्री के आधार पर रखी है। खास तौर पर 17.05 लाख नाम कटने वाले आंकड़े को सीधे “एसआईआर में इतने नाम कटे” के रूप में नहीं लिखा है, क्योंकि आपकी सामग्री में यह आंकड़ा अलग-अलग चरणों के आंकड़ों को जोड़कर बताया गया है।

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