October 3, 2026 4:30 am

रामपुर तिराहा के अमर बलिदानियों को CM धामी ने दी श्रद्धांजलि

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुजफ्फरनगर स्थित रामपुर तिराहा शहीद स्थल पहुंचकर उत्तराखंड राज्य आंदोलन के अमर बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर आंदोलनकारियों के संघर्ष और बलिदान को नमन किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य आंदोलन में शहीद हुए जिन आंदोलनकारियों की प्रतिमाएं अब तक स्थापित नहीं हुई हैं, उनकी प्रतिमाएं उनके पैतृक गांव या निवास क्षेत्र में उपयुक्त स्थान पर स्थापित की जाएंगी। उन्होंने रामपुर तिराहा स्थित राज्य अतिथि गृह के उच्चीकरण, स्मारक परिसर के पुस्तकालय को ई-पुस्तकालय के रूप में विकसित करने और संग्रहालय के विस्तार की भी घोषणा की। संग्रहालय में उत्तराखंड के पारंपरिक वाद्य यंत्रों, वेशभूषा और लोक संस्कृति से जुड़ी सामग्री को शामिल किया जाएगा। उन्होंने राज्य आंदोलनकारियों के पुनः चिन्हीकरण की प्रक्रिया जल्द पूरी करने की बात भी कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक और दो अक्टूबर 1994 की रात रामपुर तिराहा में दिल्ली जा रहे राज्य आंदोलनकारियों के साथ हुई घटना उत्तराखंड राज्य आंदोलन के इतिहास का बेहद पीड़ादायक अध्याय है। खटीमा, मसूरी, रामपुर तिराहा और श्रीनगर के श्री यंत्र टापू सहित विभिन्न स्थानों पर आंदोलनकारियों ने पृथक राज्य के लिए संघर्ष करते हुए बलिदान दिया। उनके संघर्ष और बलिदान के परिणामस्वरूप ही उत्तराखंड अलग राज्य के रूप में अस्तित्व में आया।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों के सम्मान एवं हितों के लिए लगातार कार्य कर रही है। राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को राजकीय सेवाओं में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जा रहा है। आश्रित प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को सरल बनाते हुए इन्हें तहसील स्तर से जारी करने के आदेश दिए गए हैं। आंदोलनकारियों की समस्याओं के समाधान के लिए उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद का गठन किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य पर्वों तथा जनपद एवं प्रदेश स्तर के कार्यक्रमों में राज्य आंदोलनकारियों को आमंत्रित कर सम्मानित किया जा रहा है। परिवहन निगम की बसों में उन्हें निःशुल्क यात्रा की सुविधा भी दी जा रही है। सड़कों और विद्यालयों का नाम शहीद राज्य आंदोलनकारियों के नाम पर रखने के आदेश जारी किए जा चुके हैं। रामपुर तिराहा, खटीमा, देहरादून और मसूरी स्थित शहीद स्थलों के पुनर्निर्माण एवं विस्तार की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।

मुख्यमंत्री ने रामपुर तिराहा कांड में शहीद आंदोलनकारियों की प्रतिमाओं की स्थापना के कार्य का शिलान्यास भी किया। उन्होंने बताया कि प्रतिमा स्थापना के लिए 27 लाख रुपये की धनराशि जारी की गई है। शहीद स्मारक के लिए भूमि दान करने वाले स्वर्गीय पंडित महावीर शर्मा के योगदान को भी उन्होंने नमन किया। उनकी प्रतिमा स्मारक परिसर में स्थापित की गई है।

मुख्यमंत्री ने रामपुर तिराहा कांड के दौरान आंदोलनकारियों की सहायता करने वाले स्थानीय लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कठिन समय में स्थानीय लोगों ने आंदोलनकारियों को सहयोग और शरण दी, जिसे उत्तराखंड की जनता सदैव याद रखेगी। उन्होंने राज्य निर्माण आंदोलन में मातृशक्ति की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीदों और राज्य आंदोलनकारियों का संघर्ष और बलिदान आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति, समाजसेवा और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करता रहेगा। उनके सपनों के अनुरूप समृद्ध, सशक्त और अग्रणी उत्तराखंड का निर्माण ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल, विधान परिषद सदस्य वंदना वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष मुजफ्फरनगर डॉ. सुधीर सैनी, उत्तराखंड संस्कृति, साहित्य एवं कला परिषद की उपाध्यक्ष मधु भट्ट, उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद के उपाध्यक्ष सुभाष बड़थ्वाल, सचिव संस्कृति युगल किशोर पंत, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर सहित बड़ी संख्या में राज्य आंदोलनकारी, जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग मौजूद रहे।

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