September 30, 2026 5:24 am

उत्तराखंड: SIR खत्म, अब तीन अक्टूबर को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची

देहरादून। उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का काम सोमवार रात 12 बजे पूरा हो गया। इसके साथ ही निर्वाचन आयोग ने पुनरीक्षण से संबंधित पूरा आंकड़ा स्थिर कर दिया है। अब तीन अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी। इसके बाद स्पष्ट होगा कि पुनरीक्षण के दौरान कितने मतदाताओं के नाम हटे और कितने नए मतदाता सूची में शामिल हुए।

निर्वाचन आयोग ने आठ जून से विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया शुरू की थी। इसके तहत मतदाताओं को गणना प्रपत्र उपलब्ध कराए गए, जिन्हें सात जुलाई तक भरकर जमा किया गया। 14 जुलाई को प्रारूप मतदाता सूची जारी की गई। इसके बाद 14 जुलाई से 13 अगस्त तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया गया। इनका निस्तारण 28 सितंबर तक किया गया।

पहले अंतिम मतदाता सूची 15 सितंबर को जारी होनी थी, लेकिन पांच जिलों के मतदाताओं के उत्तर प्रदेश से सत्यापन की प्रक्रिया के कारण इसकी तिथि आगे बढ़ाई गई। सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास ने बताया कि अब पूरा आंकड़ा स्थिर हो चुका है और इसमें किसी तरह का बदलाव संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन पात्र मतदाताओं के नाम छूट गए हैं, वे प्रपत्र-6 भरकर दोबारा मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे।

कई चरणों में चला मतदाता सूची शुद्धिकरण अभियान

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से मतदाता सूची शुद्धिकरण अभियान के तहत लगातार मतदाताओं से संपर्क किया गया। विशेष गहन पुनरीक्षण से पहले करीब पांच लाख ऐसे नाम हटाए गए थे, जिनके मतदाता या तो स्थानांतरित हो चुके थे या उनकी मृत्यु हो गई थी। इसके बाद विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान बूथ स्तर के अधिकारियों ने घर-घर जाकर गणना प्रपत्र उपलब्ध कराए। प्रारूप सूची जारी होने के बाद करीब आठ लाख नाम हटाए गए।

राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक

मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम के निर्देश पर सोमवार को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे की अध्यक्षता में हुई बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया और दावे-आपत्तियों के निस्तारण की जानकारी दी गई।

डॉ. जोगदंडे ने बताया कि दावे और आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया सोमवार को पूरी कर ली गई है। उन्होंने कहा कि जिन नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं, वे ऑनलाइन निर्वाचन आयोग के माध्यम या बूथ स्तर के अधिकारी के माध्यम से प्रपत्र-6 भरकर नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

बैठक में भारतीय जनता पार्टी से राजकुमार पुरोहित, कांग्रेस से राजेंद्र सिंह भंडारी और प्रशांत खंडूरी, बहुजन समाज पार्टी से सत्यपाल और सतेंद्र चोपड़ा, आम आदमी पार्टी से अशोक सेमवाल तथा भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) से अनंत आकाश मौजूद रहे।

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