हरिद्वार। पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण का जन्मदिवस मंगलवार को जड़ी-बूटी दिवस के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में योगगुरु स्वामी रामदेव ने कांवड़ यात्रा में शामिल शिवभक्तों से नियमों का पालन करते हुए शांतिपूर्ण एवं नशामुक्त यात्रा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिवभक्ति का अर्थ अनुशासन, सेवा और संयम है, इसलिए किसी भी प्रकार की हिंसा, तोड़फोड़ या नशे से दूर रहना चाहिए।
स्वामी रामदेव ने कहा कि भगवान शिव किसी भी प्रकार का नशा नहीं करते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से गंगाजल अर्पित कर सच्ची आस्था के साथ शिव आराधना करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को मजबूत करने के लिए समाज में शिवत्व, रामत्व और देवत्व की भावना का प्रसार आवश्यक है।
संसद परिसर में सांसद पप्पू यादव द्वारा भगवा वस्त्र पहनकर किए गए विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वामी रामदेव ने कहा कि किसी भी धर्म के प्रतीकों का राजनीतिक प्रदर्शन या अपमान उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि भगवा पहनकर सनातन का अपमान स्वीकार नहीं किया जा सकता। किसी भी धर्म, संत या धार्मिक परंपरा का अपमान सामाजिक और संवैधानिक मूल्यों के विरुद्ध है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन किसी धार्मिक आस्था या प्रतीक को निशाना बनाना उचित नहीं है। स्वामी रामदेव ने सभी श्रद्धालुओं से मर्यादा, अनुशासन और धार्मिक परंपराओं का सम्मान बनाए रखने की अपील की।











