September 27, 2026 7:04 pm

कांवड़ मेले में साइबर कमांडो की तैनाती, फेक न्यूज और अफवाह फैलाने वालों पर होगी तत्काल कार्रवाई

हरिद्वार: 30 जुलाई से शुरू हो रहे कांवड़ में उत्तराखंड पुलिस सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए पहली बार साइबर कमांडो की तैनाती करने जा रही है. मेले के दौरान जहां गंगा घाटों और प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा बल तैनात रहेंगे, वहीं अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाएगी. पुलिस का उद्देश्य साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के साथ साथ एआई और अन्य माध्यमों से फैलाए जाने वाले भ्रामक, झूठे और भड़काऊ कंटेंट पर तत्काल कार्रवाई करना है. फिलहाल दस साइबर कमांडो हरिद्वार आएंगे. ये आभी कमांडो आईआईटी जैसे संस्थाओं में ट्रेनिंग ले चुके हैं. 29 जुलाई को पूरी फोर्स की तैनाती करने के साथ ही साइबर कमांडो मोर्चा सम्भल लेंगे.

भड़काऊ और भ्रामक पोस्ट डालते ही होगी कार्रवाई: दरअसल हाल के दिनों में सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और इंटरनेट के माध्यम से अफवाह फैलाने की घटनाओं को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है. पुलिस का मानना है कि कांवड़ जैसे बड़े धार्मिक आयोजन के दौरान भ्रामक संदेश, फर्जी न्यूज और फर्जी वीडियो कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकते हैं. ऐसे में साइबर कमांडो की विशेष टीम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार नजर रखेगी और किसी भी आपत्तिजनक या भड़काऊ पोस्ट को तुरंत चिन्हित कर उसे हटाने की कार्रवाई करेगी. इसके साथ ही संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी. सभी कमांडो मेला कंट्रोल रूम में बने साइबर सेल में तैनात होंगे और साइबर पुलिस इनकी सहायता करेगी.

पिछले दिनों सोशल मीडिया एक बड़ी चुनौती उभरकर सामने आई है. जिसके लिए साइबर कमांडो कांवड़ मेले में तैनात किए जाएंगे. गंगा घाट और सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक पर कड़ी निगरानी की जाएगी. भ्रामक कंटेंट पर नजर रखी जाएगी. साइबर क्राइम करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. एआई के माध्यम से भ्रामक और भड़काऊ कॉन्टेंट को तत्काल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाया जाएगा. इंडियन सेंटर साइबर क्राइम कॉर्डिनेशन सेंटर के माध्यम से साइबर कमांडो मुहैया कराए जाएंगे, ताकि कांवड़ मेले में साइबर क्राइम को कंट्रोल किया जा सके. कांवड़ मेले के दौरान साइबर फ्रॉड, सोशल मीडिया पर भ्रामक, झूठी और भड़काऊ पोस्ट पर नजर रखी जाएगी. ऐसा मामला सामने आते ही तत्काल पकड़ में आएगा और कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
–नवनीत सिंह भुल्लर, एसएसपी-

पांच करोड़ कांवड़ियों के आने की उम्मीद: अभी तक कांवड़ मेले में गंगा घाट, सड़क, हाईवे, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन यदि जगहों पर सुरक्षा की जिम्मेदारी होती थी. लेकिन इस बार एआई के चलन में सोशल मीडिया भी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है. दिल्ली में हुए आंदोलन में जिस तरह से सोशल मीडिया का इस्तेमाल हुआ, उसे देखते हुए पुलिस प्रशासन हरिद्वार में कोई भी रिस्क लेना नहीं चाहता. यही कारण है भ्रामक और भड़काऊ पोस्ट से निपटने और साइबर जालसाजों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पहली बार साइबर कमांडो की तैनाती की जाएगी.

पैरामिलेट्री फोर्स और पीएसी भी रहेगी तैनात: साइबर क्राइम करने वालों के खिलाफ न सिर्फ मुकदमे दर्ज किए जाएंगे, बल्कि उनके सोशल मीडिया अकाउंट भी रिमूव किए जा सकते हैं. पुलिस प्रशासन में कावड़ मेले की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं. इस बार मेले की सुरक्षा केलिए 6000 पुलिस जवान, 13 कंपनी पैरामिलेट्री फोर्स के साथ पीएसी के जवान तैनात रहेंगे. डॉग स्कॉयड और बीडीएस की टीमें लगातार चेकिंग करेंगी. इसके अलावा सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से भी सभी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी.

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