July 21, 2026 7:43 pm

उत्तराखंड में अगले कुछ दिन भारी बारिश का अलर्ट, सीएम धामी ने अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के दिए निर्देश

देहरादून। उत्तराखंड में मानसून के तेज होने के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 19 से 23 जुलाई तक राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सचिव आनंद बर्धन और आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन को स्थिति पर लगातार नजर रखने और सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां भी भारी बारिश, भूस्खलन या सड़क अवरुद्ध होने जैसी स्थिति बने, वहां प्रशासन तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करे। उन्होंने सभी आपदा प्रबंधन टीमों को पूरी तरह तैयार रखने तथा प्रभावित लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए।

सीएम धामी ने अधिकारियों से कहा कि सड़क, बिजली, पेयजल और संचार जैसी आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र बहाल किया जाए। साथ ही चारधाम यात्रा मार्गों और अन्य प्रमुख सड़कों की लगातार निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों, पर्यटकों और श्रद्धालुओं से मौसम विभाग और जिला प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है। उन्होंने लोगों से खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचने तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, उफनती नदियों और नालों से दूर रहने की सलाह दी है। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने की भी अपील की गई है।

19 से 23 जुलाई तक बारिश का अलर्ट

आईएमडी के अनुसार 19 और 20 जुलाई को देहरादून, नैनीताल, चंपावत, ऊधमसिंह नगर, टिहरी, उत्तरकाशी, हरिद्वार, पौड़ी और बागेश्वर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 21 जुलाई को देहरादून और बागेश्वर में भी भारी बारिश की चेतावनी है, जबकि 22 और 23 जुलाई को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ और बागेश्वर सहित पर्वतीय जिलों में भारी वर्षा का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है।

केदारनाथ यात्रा मार्ग पर प्रशासन अलर्ट

बारिश के बावजूद केदारनाथ यात्रा को सुरक्षित बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, डीडीआरएफ, वाईएमएफ और अन्य आपदा प्रबंधन टीमें संवेदनशील स्थानों पर तैनात हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि लगातार बारिश के कारण कुछ स्थानों पर बोल्डर और मलबा गिरने की घटनाएं हो रही हैं, लेकिन मार्ग को तत्काल साफ कर आवाजाही सुचारु की जा रही है।

फिलहाल केदारनाथ पैदल मार्ग पैदल यात्रियों के लिए दोनों दिशाओं में खुला है, जबकि घोड़ा-खच्चरों के संचालन के लिए एकतरफा व्यवस्था लागू की गई है, ताकि यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित बनी रहे।

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