July 28, 2026 12:47 am

मिलेट्स, कीवी और ड्रैगन फ्रूट से प्रदेश के तीन लाख से अधिक किसानों की बदलेगी किस्मत, मिलेट्स, कीवी और ड्रैगन फ्रूट उत्पादक किसानों को प्रोत्साहन दे रही धामी  सरकार

देहरादून: राज्य सरकार किसानों को परम्परागत खेती के बजाय नगदी फसल उगाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इसी क्रम में राज्य कैबिनेट ने बीते दिनों मिलेट्स पॉलिसी, कीवी नीति और ड्रैगन फ्रूट खेती की योजना पर मुहर लगाई है, जिसमें कुल मिलाकर 3 लाख 17 हजार से अधिक किसान लाभांवित होंगे।

उत्तराखण्ड स्टेट मिलेट्स पालिसी के तहत राज्य सरकार ने 2030-31 तक 11 पर्वतीय जिलों के लिए कुल 134.89 करोड रुपए की कार्ययोजना पर मुहर लगाई है। इसमें मण्डुवा, झंगोरा, रामदाना, कौणी एवं चीना उत्पादक किसानों को बीज एंव जैव उर्वरक पर 80 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा, साथ ही कृषको को मिलेट की बुवाई करने पर पंक्ति बुवाई पर रु0 4000 प्रति हैक्टेयर और सीधी बुवाई पर रु0 2000 प्रति हैक्टेयर की प्रोत्साहन धनराशि दी जायेगी। मिलेट पॉलिसी के तहत प्रत्येक वर्ष विकासखण्ड स्तर पर उत्कृष्ट कार्य के लिए 02 कृषक / समूह को पुरस्कार किया जायेगा। साथ ही प्रत्येक विकासखण्ड स्तर पर 01 मिलेट प्रसंस्करण इकाई की स्थापना की जायेगी। योजना के तहत 3 लाख से अधिक किसानों को लाभ देने का लक्ष्य है। सरकार इसके तहत श्रीअन्न फूड पार्क की स्थापना भी करेगी।

इसी तरह उत्तराखण्ड कीवी नीति के तहत वर्ष 2030-31 तक राज्य सरकार कीवी उद्यान स्थापना के लिए कुल लागत 12 लाख प्रति एकड़ का 70 प्रतिशत राजसहायता प्रदान करेगी। जिसमें 30 प्रतिशत लाभार्थी का अंश होगा। यह नीति भी हरिद्वार एवं उधमसिंहनगर को छोड़कर राज्य के शेष 11 जनपदों में लागू होगी। कीवी पालिसी के अन्तर्गत कुल रु0 894 करोड की कार्ययोजना तैयार की गई है, नीति के तहत 3500 हैक्टेयर क्षेत्रफल को आच्छादित किये जाने का लक्ष्य है, जिसमे करीब 17500 किसान लाभान्वित होंगे। अभी राज्य के लगभग 683 हैक्टेयर के क्षेत्रफल में 382 मैट्रिक टन कीवी का उत्पादन किया जा रहा है। इसी तरह ड्रैगन फ्रूट खेती योजना के उधमसिंहनगर, हरिद्वार, नैनीताल, बागेश्वर, पौड़ी, देहरादून, टिहरी में ड्रैगन फ्रूट के उत्पादन को आधुनिक / वैज्ञानिक पद्यति के माध्यम से बढ़ावा दिया जाएगा। योजना के तहत वर्ष 2027-28 तक15 करोड़ की धनराशि खर्च की जाएगी। जिससे 450 किसान लाभांवित होंगे। प्रस्तावित योजना में उद्यान स्थापना के लिए 08 लाख प्रति एकड़ का 80 प्रतिशत राजसहायता का प्राविधान है एवं शेष 20 प्रतिशत कृषक द्वारा वहन किया जाएगा। वर्तमान में राज्य के लगभग 35 एकड़ क्षेत्रफल में 70 मै०टन ड्रैगन फ्रूट का उत्पादन किया जा रहा है।

और पढ़ें

मतदान सर्वेक्षण

0
Default choosing

Did you like our plugin?

Poola Jada

और पढ़ें